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पासपोर्ट व सरकारी नौकरी हेतु पुलिस चरित्र सत्यापन (Police Verification) कैसे कराएं? जानिए UPCOP नियम, पेंडिंग केस में विधिक राहत व आवेदन पत्र

📅 प्रकाशित: 6 अक्टूबर 2026 • 🔄 अंतिम अपडेट: 6 अक्टूबर 2026 • ⏱️ पढ़ने का समय: 6 मिनट

विदेश यात्रा, उच्च शिक्षा या रोजगार हेतु पासपोर्ट बनवाना हो, अथवा संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), एसएससी, रेलवे, पुलिस, सेना या बैंक में अंतिम चयन के बाद नियुक्ति पत्र प्राप्त करना हो—हर नागरिक को पुलिस चरित्र सत्यापन (Police Verification & Clearance - PCC) की अनिवार्य प्रक्रिया से गुजरना होता है।

अक्सर युवाओं का अनुभव यह होता है कि पुलिस वेरिफिकेशन के नाम पर स्थानीय थाने के चक्कर काटने पड़ते हैं, कभी अनपेक्षित आपत्तियां लगा दी जाती हैं तो कभी प्रतिकूल आख्या (Adverse Report) की धमकी दी जाती है। यदि किसी पुराने भूमि संबंधी या पारिवारिक विवाद में सामान्य एनसीआर या धारा दर्ज हो, तो उम्मीदवार घबरा जाते हैं। पासपोर्ट अधिनियम, 1967 और उत्तर प्रदेश पुलिस नागरिक सेवा नियमावली के तहत प्रत्येक नागरिक को पारदर्शी, समयबद्ध और निष्पक्ष सत्यापन प्राप्त करने का विधिक अधिकार है। इस मार्गदर्शिका में हम पुलिस चरित्र सत्यापन की ऑनलाइन UPCOP प्रक्रिया, थाने की औपचारिकताएं, पेंडिंग केस में कानूनी उपाय और औपचारिक प्रार्थना पत्र तैयार करने का तरीका समझेंगे।

थाना प्रभारी / पुलिस अधीक्षक महोदय को पुलिस सत्यापन प्रार्थना पत्र तुरंत तैयार करें

घबराने या बिचौलियों के चक्कर में पड़ने की आवश्यकता नहीं है। अपना पासपोर्ट फाइल नंबर / भर्ती विवरण दर्ज कर 1 मिनट में विधिक प्रार्थना पत्र तैयार करें:

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1. पुलिस चरित्र सत्यापन के तीन मुख्य प्रकार

सत्यापन की प्रक्रिया उसके उद्देश्य के आधार पर संचालित होती है:

2. तुलनात्मक तालिका: पासपोर्ट वेरिफिकेशन बनाम UPCOP चरित्र प्रमाण पत्र

तुलनात्मक बिंदु पासपोर्ट पुलिस सत्यापन (Passport PV) नागरिक चरित्र प्रमाण पत्र (UPCOP PCC)
आवेदन का माध्यम विदेश मंत्रालय (Passport Seva Portal)। UPCOP मोबाइल ऐप अथवा uppolice.gov.in।
सरकारी शुल्क पासपोर्ट फीस में ही सम्मिलित (अलग से शून्य)। ₹50 का ऑनलाइन सरकारी चालान शुल्क।
जांच इकाइयां स्थानीय थाना + एलआईयू (LIU - खुफिया इकाई)। स्थानीय थाना व डीसीआरबी (DCRB) आपराधिक रिकॉर्ड।
समयसीमा 7 से 10 कार्यदिवस। अधिकतम 15 कार्यदिवस।

3. पेंडिंग केस या पुराने मुकदमे की स्थिति में विधिक नियम

पासपोर्ट अधिनियम धारा 6(2)(f) व कानूनी राहत:
  • यदि किसी नागरिक पर केवल एफआईआर दर्ज है किंतु अदालत में चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल नहीं हुई है, तो पासपोर्ट रोका नहीं जा सकता।
  • यदि अदालत में आपराधिक मुकदमा विचाराधीन (Pending Trial) है, तो संबंधित न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर विदेश जाने की अनुमति (Court NOC) प्राप्त की जा सकती है। भारत सरकार के गजट नोटिफिकेशन (GSR 570(E)) के अनुसार कोर्ट एनओसी प्रस्तुत करने पर पासपोर्ट अधिकारी 1 वर्ष अथवा अदालत द्वारा नियत अवधि के लिए पासपोर्ट जारी करने के लिए बाध्य होता है।

4. सत्यापन के समय आवश्यक दस्तावेजों की चेकलिस्ट

थाने में बीट कांस्टेबल अथवा जांच अधिकारी के समक्ष निम्नलिखित दस्तावेज प्रस्तुत करें:

  1. पहचान पत्र (KYC): मूल आधार कार्ड और पैन कार्ड की स्व-प्रमाणित प्रति।
  2. वर्तमान व स्थायी निवास प्रमाण: मतदाता पहचान पत्र, बिजली बिल, पानी का बिल अथवा बैंक पासबुक की प्रति।
  3. पासपोर्ट आवेदन रसीद (ARN Receipt): पासपोर्ट सेवा केंद्र द्वारा जारी पावती पत्र।
  4. दो स्थानीय संभ्रांत गवाहों के दस्तावेज: आपके पड़ोस में रहने वाले दो सम्मानित व्यक्तियों के आधार कार्ड की प्रतियां व उनके हस्ताक्षर।
  5. पासपोर्ट साइज फोटो: आवेदक के 2 नवीनतम रंगीन फोटो।

5. पुलिस सत्यापन की 4-चरणीय व्यावहारिक प्रक्रिया

  1. चरण 1 (फाइल थाने पहुंचना व संदेश प्राप्त होना): पासपोर्ट ऑफिस से फाइल थाने पहुंचते ही आपके मोबाइल पर एसएमएस आता है जिसमें जांच अधिकारी (IO) का विवरण हो सकता है।
  2. चरण 2 (दस्तावेजों सहित थाने में उपस्थिति): आवश्यक दस्तावेजों और दो पड़ोसियों के पहचान पत्र के साथ थाने के सीसीटीएनएस (CCTNS) कक्ष अथवा बीट अधिकारी से संपर्क करें।
  3. चरण 3 (स्थलीय बीट जांच): बीट कांस्टेबल मौके पर आकर पड़ोसियों से आपके शांतिपूर्ण आचरण और स्थायी निवास की पुष्टि करता है।
  4. चरण 4 (ऑनलाइन आख्या प्रेषण): थाना प्रभारी द्वारा 'Clear' रिपोर्ट ऑनलाइन सबमिट की जाती है, जिसके बाद पासपोर्ट प्रिंटिंग में चला जाता है और स्पीड पोस्ट से घर पहुंच जाता है।
पुलिस सत्यापन प्रार्थना पत्र तुरंत तैयार करें:

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Frequently Asked Questions)

प्र. 1: पासपोर्ट पुलिस सत्यापन में कितना समय लगता है?

उत्तर: सामान्यतः फाइल थाने पहुंचने के 7 से 10 कार्यदिवसों के भीतर पुलिस द्वारा स्थलीय जांच पूरी कर ऑनलाइन रिपोर्ट भेज दी जाती है।

प्र. 2: क्या पुलिस वेरिफिकेशन के लिए कोई सरकारी फीस नकद देनी होती है?

उत्तर: नहीं, बिल्कुल नहीं। पासपोर्ट पुलिस सत्यापन पूरी तरह निःशुल्क होता है क्योंकि पासपोर्ट शुल्क में यह पहले से शामिल है। किसी भी पुलिसकर्मी को नकद पैसे देना गैर-कानूनी है।

प्र. 3: क्या किसी पर झूठा मुकदमा होने पर पासपोर्ट रोका जा सकता है?

उत्तर: यदि केवल एफआईआर है और चार्जशीट नहीं लगी है तो पासपोर्ट नहीं रुकता। यदि कोर्ट में केस लंबित है तो सक्षम अदालत से 'विदेश जाने की अनुमति (Court NOC)' लेकर पासपोर्ट बनवाया जा सकता है।

प्र. 4: UPCOP ऐप से चरित्र प्रमाण पत्र बनवाने का कितना शुल्क है?

उत्तर: उत्तर प्रदेश पुलिस UPCOP पोर्टल पर सामान्य नागरिक चरित्र प्रमाण पत्र (PCC) का आधिकारिक सरकारी शुल्क मात्र ₹50 है।

प्र. 5: पुलिस सत्यापन में दो गवाह क्यों मांगे जाते हैं?

उत्तर: दो स्थानीय पड़ोसियों के गवाह इसलिए लिए जाते हैं ताकि यह प्रमाणित हो सके कि आवेदक उसी पते पर वास्तविक रूप से रहता है और उसका पड़ोसियों के साथ कोई आपराधिक विवाद नहीं है।

प्र. 6: यदि पुलिस गलत या प्रतिकूल रिपोर्ट (Adverse Report) भेज दे तो क्या करें?

उत्तर: जिले के पुलिस अधीक्षक (SP / SSP) को प्रार्थना पत्र देकर किसी स्वतंत्र क्षेत्राधिकारी (CO) से पुनः जांच कराने की मांग करें और पासपोर्ट कार्यालय को स्पष्टीकरण दें।

प्र. 7: किराए के मकान में रहने वाले व्यक्ति का सत्यापन कैसे होता है?

उत्तर: किराएदार को पंजीकृत किरायानामा (Rent Agreement), मकान मालिक का पहचान पत्र और वर्तमान पते का प्रमाण प्रस्तुत करना होता है। पुलिस मकान मालिक व पड़ोसियों से सत्यापन करती है।

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विशाल राज (Vishal Raj)
संस्थापक, Application Helper

विशाल राज नागरिक अधिकारों, पुलिस प्रशासनिक नियमों (Police Regulations) और पासपोर्ट विधिक प्रक्रियाओं के विश्लेषक हैं। उनका उद्देश्य नागरिकों को उनके वैधानिक अधिकारों की सही जानकारी देकर पुलिस सत्यापन के दौरान अनावश्यक परेशानी और उत्पीड़न से बचाना है।